1. परिचय भारतीय संविधान का भाग I संघ एवं उसके राज्यक्षेत्र से संबंधित है। इसमें अनुच्छेद 1 से 4 तक भारत के नाम, राज्यक्षेत्र, नए राज्यों के प्रवेश एवं स्थापना तथा राज्यों के गठन और उनकी सीमाओं या नामों में परिवर्तन से संबंधित प्रावधान दिए गए हैं। भारत एक विशाल और विविधतापूर्ण देश है। स्वतंत्रता […]
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1. परिचय भारतीय संविधान का निर्माण करते समय संविधान सभा ने भारत की ऐतिहासिक परिस्थितियों, स्वतंत्रता आंदोलन के आदर्शों और विश्व के विभिन्न देशों की संवैधानिक व्यवस्थाओं का अध्ययन किया। संविधान निर्माताओं ने अनेक देशों से उपयोगी संवैधानिक सिद्धांतों और संस्थागत व्यवस्थाओं को अपनाया तथा उन्हें भारतीय आवश्यकताओं के अनुसार ढाला। भारतीय संविधान किसी एक […]
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1. प्रस्तावना भारतीय संविधान देश की सर्वोच्च विधि है। यह भारत की शासन व्यवस्था, विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका, नागरिकों के अधिकारों तथा केंद्र और राज्यों के संबंधों को निर्धारित करता है। भारतीय संविधान का निर्माण संविधान सभा ने किया और इसे 26 नवंबर 1949 को अंगीकृत किया गया। इसके अधिकांश प्रावधान 26 जनवरी 1950 को लागू […]
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1. उद्देशिका का परिचय भारतीय संविधान की उद्देशिका संविधान के मूल दर्शन, आदर्शों और उद्देश्यों को संक्षेप में प्रस्तुत करती है। इसे संविधान की प्रस्तावना भी कहा जाता है। इसमें उन प्रमुख मूल्यों का उल्लेख है जिनके आधार पर भारत की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक व्यवस्था का निर्माण किया जाना है। उद्देशिका यह स्पष्ट करती […]
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1. प्रस्तावना भारतीय संविधान भारत के शासन, राजनीतिक संस्थाओं, नागरिकों के अधिकारों और राज्य के दायित्वों का मूल आधार है। इस संविधान का निर्माण संविधान सभा ने किया था। संविधान सभा एक ऐसी प्रतिनिधि संस्था थी, जिसने स्वतंत्र भारत के लिए शासन की संवैधानिक व्यवस्था निर्धारित की। संविधान निर्माण केवल कानूनी प्रावधानों को एक दस्तावेज […]
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1. प्रस्तावना भारतीय संविधान का निर्माण एक लंबी ऐतिहासिक, राजनीतिक और वैचारिक प्रक्रिया का परिणाम है। इसकी वर्तमान संरचना को समझने के लिए ब्रिटिश शासन के दौरान विकसित प्रशासनिक संस्थाओं, संवैधानिक सुधारों, भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन की मांगों तथा संविधान सभा की भूमिका का अध्ययन आवश्यक है। भारत का संविधान केवल शासन चलाने का दस्तावेज नहीं […]
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1. उद्योग का अर्थ एवं परिभाषा उद्योग आर्थिक गतिविधि का वह क्षेत्र है, जिसमें कच्चे माल को संसाधित करके उपयोगी वस्तुओं का उत्पादन किया जाता है या लोगों को विभिन्न प्रकार की सेवाएँ प्रदान की जाती हैं। उदाहरण के लिए, लौह अयस्क, कोयला और अन्य आवश्यक पदार्थों का उपयोग करके इस्पात बनाना एक औद्योगिक गतिविधि […]
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1. परिवहन का अर्थ एवं परिभाषा परिवहन वह प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से मनुष्यों, वस्तुओं और सेवाओं को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाया जाता है। परिवहन आर्थिक विकास, व्यापार, पर्यटन, कृषि, उद्योग और राष्ट्रीय एकीकरण का महत्वपूर्ण आधार है। उदाहरण के लिए, किसी खेत में पैदा हुआ गेहूँ ट्रैक्टर और ट्रक से मंडी […]
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Chapter 70: Environmental Problems, Conservation and Sustainable Development 1. पर्यावरण का अर्थ एवं परिभाषा पर्यावरण उन सभी जैविक और अजैविक घटकों का समुच्चय है, जो पृथ्वी पर रहने वाले जीवों के जीवन, विकास और गतिविधियों को प्रभावित करते हैं। इसमें वायु, जल, मिट्टी, सूर्य का प्रकाश, तापमान, पेड़-पौधे, जीव-जंतु और मनुष्य शामिल हैं। पर्यावरण के […]
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