Constitutional Development of India प्रस्तावना: संविधान क्या है और इसकी जरूरत क्यों पड़ी?
किसी भी देश को चलाने के लिए नियमों की एक किताब की जरूरत होती है, जिसे हम संविधान कहते हैं। भारत का संविधान दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान है। लेकिन यह एक दिन में नहीं बना। इसकी जड़ें 1773 के उस दौर में छिपी हैं जब ईस्ट इंडिया कंपनी भारत में व्यापार करने आई थी और धीरे-धीरे शासक बन बैठी।
भारत का संवैधानिक विकास दो चरणों में हुआ:
- कंपनी का शासन (1773-1858): जब ब्रिटिश संसद ने कंपनी को नियंत्रित करने के लिए कानून बनाए।
- ताज का शासन (1858-1947): जब 1857 के विद्रोह के बाद सत्ता सीधे ब्रिटेन की महारानी के हाथ में आ गई।
भाग 1: ईस्ट इंडिया कंपनी के अंतर्गत संवैधानिक विकास (1773–1858)
1. रेगुलेटिंग एक्ट, 1773 (पहला कदम)
यह क्या है? यह ब्रिटिश संसद द्वारा ईस्ट इंडिया कंपनी के भारतीय मामलों को नियमित (Regulate) करने का पहला लिखित प्रयास था।
- क्यों आया? कंपनी के अधिकारी भारत में बहुत भ्रष्टाचार कर रहे थे। कंपनी दिवाली होने की कगार पर थी, जबकि उसके कर्मचारी ब्रिटेन जाकर ‘नवाबों’ की तरह रह रहे थे।
- मुख्य प्रावधान:
- बंगाल के गवर्नर को अब ‘बंगाल का गवर्नर जनरल’ कहा जाने लगा। (लॉर्ड वारेन हेस्टिंग्स पहले गवर्नर जनरल बने)।
- इसकी सहायता के लिए 4 सदस्यीय परिषद बनाई गई।
- मद्रास और बॉम्बे के गवर्नरों को बंगाल के अधीन कर दिया गया।
- सुप्रीम कोर्ट (1774): कलकत्ता में एक सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना हुई, जिसमें एक मुख्य न्यायाधीश (सर एलिजा इम्पे) और तीन अन्य न्यायाधीश थे।
2. पिट्स इंडिया एक्ट, 1784
क्यों आया? 1773 के एक्ट की कमियों को दूर करने के लिए।
- बदलाव: यहाँ से ‘दोहरा शासन’ (Dual System) शुरू हुआ।
- कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स: व्यापारिक मामलों के लिए।
- बोर्ड ऑफ कंट्रोल: राजनीतिक मामलों के लिए।
- महत्व: पहली बार भारत के क्षेत्र को ‘ब्रिटिश आधिपत्य का क्षेत्र’ (British Possession in India) कहा गया।
3. चार्टर अधिनियम, 1813
- क्यों खास है? कंपनी का व्यापारिक एकाधिकार खत्म कर दिया गया। अब कोई भी ब्रिटिश नागरिक भारत में व्यापार कर सकता था। (सिर्फ चाय और चीन के साथ व्यापार पर कंपनी का कब्जा रहा)।
- शिक्षा: पहली बार भारतीयों की शिक्षा पर 1 लाख रुपये सालाना खर्च करने का प्रावधान किया गया।
4. चार्टर अधिनियम, 1833 (केंद्रीकरण की पराकाष्ठा)
- यह क्या है? यह अधिनियम भारत के प्रशासन के पूर्ण केंद्रीकरण की ओर सबसे बड़ा कदम था।
- बदलाव: बंगाल के गवर्नर जनरल को अब ‘भारत का गवर्नर जनरल’ बना दिया गया। (लॉर्ड विलियम बेंटिक)।
- कंपनी की सभी व्यापारिक शक्तियां छीन ली गईं और वह पूरी तरह से एक प्रशासनिक निकाय (Administrative Body) बन गई।
- कानून बनाने के लिए एक ‘विधि सदस्य’ (Law Member) को परिषद में जोड़ा गया (लॉर्ड मैकाले पहले विधि सदस्य थे)।
5. चार्टर अधिनियम, 1853
- यह अंतिम चार्टर एक्ट था।
- बदलाव: पहली बार गवर्नर जनरल की परिषद के विधायी (Legislative) और कार्यकारी (Executive) कार्यों को अलग किया गया।
- सिविल सेवा: सिविल सेवकों की भर्ती के लिए खुली प्रतियोगिता (Open Competition) शुरू की गई।
भाग 2: ब्रिटिश ताज (Crown) का शासन (1858–1947)
6. भारत सरकार अधिनियम, 1858 (गुड गवर्नेंस एक्ट)
क्यों आया? 1857 की महान क्रांति (सिपाही विद्रोह) ने अंग्रेजों को हिला दिया था। उन्हें लगा कि अब कंपनी के भरोसे राज नहीं चलेगा।
- बदलाव: भारत का शासन सीधे महारानी विक्टोरिया के अधीन आ गया।
- वायसराय: ‘भारत का गवर्नर जनरल’ अब ‘वायसराय’ कहलाने लगा। (लॉर्ड कैनिंग पहले वायसराय बने)।
- भारत सचिव: लंदन में एक नया पद ‘Secretary of State for India’ बनाया गया, जो ब्रिटिश कैबिनेट का हिस्सा था।
7. भारतीय परिषद अधिनियम, 1861
- क्यों महत्वपूर्ण है? यहाँ से ‘प्रतिनिधि संस्थाओं’ की शुरुआत हुई। भारतीयों को कानून बनाने की प्रक्रिया में शामिल किया गया।
- पोर्टफोलियो सिस्टम: लॉर्ड कैनिंग ने विभागीय प्रणाली शुरू की (जैसे आज के मंत्री अलग-अलग विभाग संभालते हैं)।
- अध्यादेश (Ordinance): वायसराय को आपातकाल में बिना परिषद की सलाह के कानून बनाने की शक्ति मिली।
8. भारतीय परिषद अधिनियम, 1909 (मार्ले-मिंटो सुधार)
- पृष्ठभूमि: लॉर्ड मार्ले (भारत सचिव) और लॉर्ड मिंटो (वायसराय) ने मिलकर इसे बनाया।
- विवाद: इसने ‘सांप्रदायिक प्रतिनिधित्व’ की शुरुआत की। मुसलमानों के लिए अलग निर्वाचन क्षेत्र (Separate Electorate) दिया गया।
- लॉर्ड मिंटो को ‘सांप्रदायिक निर्वाचन का जनक’ कहा जाता है।
9. भारत शासन अधिनियम, 1919 (मोंटेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार)
क्यों आया? प्रथम विश्व युद्ध के बाद भारतीयों की स्वशासन की मांग बढ़ गई थी।
- प्रांतों में द्वैध शासन (Dyarchy in Provinces): राज्यों के विषयों को दो भागों में बांटा गया—’आरक्षित’ (Reserved) और ‘हस्तांतरित’ (Transferred)।
- केंद्र में पहली बार द्विसदनीय व्यवस्था (Bicameralism) शुरू हुई (जैसे आज लोकसभा और राज्यसभा है)।
- लोक सेवा आयोग (Public Service Commission) के गठन का प्रावधान आया, जिसके तहत 1926 में UPSC की नींव पड़ी।
भाग 3: आधुनिक संविधान की नींव (1935 का अधिनियम)
10. भारत शासन अधिनियम, 1935 (The Mini Constitution)
यह हमारे संवैधानिक इतिहास का सबसे बड़ा और सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज है। आज का हमारा संविधान इसी की बुनियाद पर खड़ा है।
- विशेषताएं:
- अखिल भारतीय संघ: भारत को एक संघ बनाने की कोशिश की गई (हालांकि यह कभी लागू नहीं हो पाया क्योंकि रियासतें शामिल नहीं हुईं)।
- प्रांतीय स्वायत्तता: राज्यों से ‘द्वैध शासन’ खत्म कर दिया गया और उन्हें पूरी आजादी दी गई।
- केंद्र में द्वैध शासन: अब राज्यों की जगह केंद्र में आरक्षित और हस्तांतरित विषयों की व्यवस्था की गई।
- संघीय न्यायालय: 1937 में एक फेडरल कोर्ट की स्थापना हुई।
- शक्तियों का विभाजन: तीन सूचियां बनाई गईं—संघ सूची, राज्य सूची और समवर्ती सूची।
भाग 4: स्वतंत्रता की ओर अंतिम कदम (1940–1947)
11. क्रिप्स मिशन और कैबिनेट मिशन
- अगस्त प्रस्ताव (1940): द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अंग्रेजों ने पहली बार स्वीकार किया कि भारत का संविधान भारतीयों द्वारा बनाया जाना चाहिए।
- कैबिनेट मिशन (1946): तीन सदस्य (पैथिक लॉरेंस, स्टैफोर्ड क्रिप्स, ए.वी. अलेक्जेंडर) भारत आए। इसी की सिफारिश पर ‘संविधान सभा’ का चुनाव हुआ।
12. भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947
- माउंटबेटन योजना के आधार पर ब्रिटिश संसद ने इसे पारित किया।
- 15 अगस्त 1947 को भारत और पाकिस्तान दो स्वतंत्र डोमिनियन बन गए।
- संविधान सभा को अपने देश का संविधान बनाने और किसी भी ब्रिटिश कानून को रद्द करने की पूरी शक्ति मिल गई।
भाग 5: महत्वपूर्ण न्यायिक मामले (Case Laws)
संवैधानिक विकास में सुप्रीम कोर्ट के कुछ फैसलों ने बहुत बड़ी भूमिका निभाई है:
- ए.के. गोपालन बनाम मद्रास राज्य (1950): इसमें व्यक्तिगत स्वतंत्रता और कानून की प्रक्रिया पर चर्चा हुई।
- गोलकनाथ बनाम पंजाब राज्य (1967): कोर्ट ने कहा कि संसद मौलिक अधिकारों को नहीं छीन सकती।
- केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य (1973): यह सबसे बड़ा ऐतिहासिक फैसला था। इसमें ‘मूल ढांचे’ (Basic Structure) का सिद्धांत दिया गया। कोर्ट ने कहा कि संसद संविधान में बदलाव तो कर सकती है, लेकिन उसकी आत्मा (Basic Structure) को नहीं छू सकती।
निष्कर्ष (Conclusion)
भारत का संवैधानिक विकास 1773 से शुरू होकर 26 जनवरी 1950 को पूर्ण हुआ। यह संघर्ष केवल कानूनी नहीं था, बल्कि भारतीयों की आजादी और गरिमा की लड़ाई का परिणाम था। 1935 के अधिनियम ने जहां प्रशासनिक ढांचा दिया, वहीं स्वतंत्रता संग्राम ने हमें समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व के विचार दिए।
ऐसे प्रश्न जो UPSC , PCS मे पूछे गये हैं-
प्रश्न: 1 – संविधान सभा की प्रारूप समिति को व्यंग्य में ‘अपवाहन समिति’ (Drifting Committee) कहने वाले सदस्य नजीरुद्दीन अहमद का मुख्य आरोप क्या था?
UPPSC 2021, BPSC 2022
(A) समिति ने अमेरिका के संविधान की हूबहू नकल की थी।
(B) समिति ने 2 वर्ष, 11 माह और 18 दिन का अत्यधिक समय लेकर कार्य को दिशाहीन कर दिया।
(C) समिति में कोई भी अनुभवी नेता शामिल नहीं था।
(D) समिति ने केवल उच्च वर्गों के हितों की रक्षा की।
उत्तर: (B)
हल/व्याख्या: नजीरुद्दीन अहमद ने संविधान निर्माण में लगे लंबे समय की आलोचना करते हुए ‘Drafting’ को ‘Drifting’ कहा था। उनका मानना था कि इतनी लंबी अवधि देश के संसाधनों की बर्बादी है।
प्रश्न: 2 – निम्नलिखित में से किस अधिनियम द्वारा भारत में ‘संघीय न्यायालय’ (Federal Court) की स्थापना की गई थी?
UPPCS (Pre) 2014, MPPSC 2017
(A) भारतीय परिषद अधिनियम, 1861
(B) भारत सरकार अधिनियम, 1909
(C) भारत सरकार अधिनियम, 1919
(D) उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर: (D)
हल/व्याख्या: भारत में संघीय न्यायालय की स्थापना ‘भारत सरकार अधिनियम, 1935’ के तहत 1 अक्टूबर 1937 को की गई थी।
प्रश्न: 3 – भारतीय संविधान सभा का गठन किया गया था:
UPSC 1996, UPPSC 2012
(A) भारत सरकार अधिनियम, 1935 के अंतर्गत
(B) क्रिप्स मिशन, 1942 के अंतर्गत
(C) कैबिनेट मिशन योजना, 1946 के अंतर्गत
(D) भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 के अंतर्गत
उत्तर: (C)
हल/व्याख्या: कैबिनेट मिशन (1946) के प्रस्तावों के आधार पर ही भारतीय संविधान के निर्माण के लिए संविधान सभा चुनी गई थी।
प्रश्न: 4 – निम्नलिखित में से किस अधिनियम के अंतर्गत भारतीय विधान परिषद को बजट पर चर्चा करने की शक्ति प्राप्त हुई?
UPPCS (Pre) 2003, UPSC 2010
(A) भारतीय परिषद अधिनियम, 1861
(B) भारतीय परिषद अधिनियम, 1892
(C) भारतीय परिषद अधिनियम, 1909
(D) भारत सरकार अधिनियम, 1919
उत्तर: (B)
हल/व्याख्या: 1892 के अधिनियम ने विधान परिषद के कार्यों में वृद्धि की और उन्हें बजट पर बहस करने का अधिकार दिया, हालांकि वे मतदान नहीं कर सकते थे।
प्रश्न: 5 – केंद्र में द्वैध शासन (Diarchy) किस अधिनियम के अंतर्गत स्थापित किया गया?
UPPCS 2008, MPPSC 2019
(A) 1909 के अधिनियम द्वारा
(B) 1919 के अधिनियम द्वारा
(C) 1935 के अधिनियम द्वारा
(D) 1947 के अधिनियम द्वारा
उत्तर: (C)
हल/व्याख्या: 1919 के अधिनियम ने प्रांतों में द्वैध शासन लागू किया था, जबकि 1935 के अधिनियम ने प्रांतों में इसे समाप्त कर केंद्र में लागू किया।
प्रश्न: 6 – संविधान सभा के सम्मुख ‘संविधान की प्रस्तावना’ का प्रस्ताव किसने रखा?
UPSC 2004, UKPSC 2016
(A) जवाहरलाल नेहरू
(B) बी.आर. अम्बेडकर
(C) बी.एन. राव
(D) महात्मा गांधी
उत्तर: (A)
हल/व्याख्या: 13 दिसंबर 1946 को जवाहरलाल नेहरू ने ‘उद्देश्य प्रस्ताव’ पेश किया था, जो बाद में संविधान की प्रस्तावना बना।
प्रश्न: 7 – भारत के संविधान में केंद्र और राज्यों के बीच किया गया शक्तियों का विभाजन इनमें से किसमें उल्लिखित योजना पर आधारित है?
UPSC 2012, RAS 2013
(A) मार्ले-मिन्टो सुधार, 1909
(B) मांटेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार, 1919
(C) भारत सरकार अधिनियम, 1935
(D) भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947
उत्तर: (C)
हल/व्याख्या: 1935 के अधिनियम में तीन सूचियाँ (संघीय, प्रांतीय और समवर्ती) दी गई थीं, जो वर्तमान शक्ति विभाजन का मुख्य आधार हैं।
प्रश्न: 8 – किस अधिनियम ने भारतवासियों को अपने देश के प्रशासन में कुछ हिस्सा लेना संभव बनाया?
UPPCS 2012, BPSC 2021
(A) चार्टर एक्ट, 1833
(B) चार्टर एक्ट, 1853
(C) गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट, 1858
(D) इंडियन काउंसिल एक्ट, 1861
उत्तर: (A)
हल/व्याख्या: चार्टर एक्ट 1833 की धारा 87 के तहत रंग, जन्मस्थान और धर्म के आधार पर भेदभाव को समाप्त कर भारतीयों के लिए प्रशासन के द्वार खोले गए।
प्रश्न: 9 – संविधान सभा के कानूनी सलाहकार (Constitutional Advisor) कौन थे?
UPPCS 2014, MPPSC 2017
(A) डॉ. बी.आर. अम्बेडकर
(B) डॉ. राजेन्द्र प्रसाद
(C) बी.एन. राव
(D) के.एम. मुंशी
उत्तर: (C)
हल/व्याख्या: सर बेनेगल नरसिंह राव (B.N. Rau) को संविधान सभा का संवैधानिक सलाहकार नियुक्त किया गया था।
प्रश्न: 10 – डॉ. बी.आर. अम्बेडकर का संविधान सभा में निर्वाचन हुआ था:
UPSC 1996, UPPSC 2023
(A) पश्चिम बंगाल से
(B) बम्बई प्रेसीडेंसी से
(C) तत्कालीन मध्य भारत से
(D) पंजाब से
उत्तर: (B)
हल/व्याख्या: विभाजन से पहले वे बंगाल से निर्वाचित हुए थे, लेकिन विभाजन के बाद वह क्षेत्र पाकिस्तान में चला गया। अतः वे पुनः बम्बई प्रेसीडेंसी के पूना सीट से निर्वाचित हुए।
प्रश्न: 11 – ‘भारत के संविधान का प्रारूप तैयार करने वाली संविधान सभा के सदस्यों को’:
UPSC 2002, BPSC 2015
(A) ब्रिटिश संसद द्वारा नामित किया गया था
(B) गवर्नर जनरल द्वारा नामित किया गया था
(C) विभिन्न प्रांतों की विधानसभाओं द्वारा चुना गया था
(D) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और मुस्लिम लीग द्वारा चुना गया था
उत्तर: (C)
हल/व्याख्या: संविधान सभा के सदस्य अप्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा प्रांतीय विधानसभाओं के सदस्यों द्वारा चुने गए थे।
प्रश्न: 12 – निम्नलिखित में से किस अधिनियम ने भारत में ‘सांप्रदायिक प्रतिनिधित्व’ की शुरुआत की?
UPPCS 2017, UPSC 2011
(A) 1892 का अधिनियम
(B) 1909 का अधिनियम
(C) 1919 का अधिनियम
(D) 1935 का अधिनियम
उत्तर: (B)
हल/व्याख्या: मार्ले-मिन्टो सुधार (1909) ने पहली बार मुसलमानों के लिए पृथक निर्वाचन मंडल (Separate Electoral) की व्यवस्था की थी।
प्रश्न: 13 – भारत की संविधान सभा की अंतिम बैठक की सही तिथि को बताइए?
UPPCS 2018, SSC CGL 2022
(A) 26 नवंबर 1949
(B) 5 दिसंबर 1949
(C) 24 जनवरी 1950
(D) 25 जनवरी 1950
उत्तर: (C)
हल/व्याख्या: संविधान सभा की अंतिम बैठक 24 जनवरी 1950 को हुई, जिसमें डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को राष्ट्रपति चुना गया।
प्रश्न: 14 – 1935 के अधिनियम द्वारा स्थापित संघ में ‘अवशिष्ट शक्तियाँ’ (Residuary Powers) किसको दी गई थीं?
UPSC 2018, RAS 2016
(A) संघीय विधानपालिका को
(B) प्रांतीय विधानमंडल को
(C) गवर्नर जनरल को
(D) प्रांतीय गवर्नरों को
उत्तर: (C)
हल/व्याख्या: 1935 के अधिनियम के तहत अवशिष्ट शक्तियाँ वायसराय/गवर्नर जनरल के पास निहित थीं।
प्रश्न: 15 – किस अधिनियम के फलस्वरूप बर्मा (म्यांमार) भारत से अलग हुआ?
UPPCS 2011, BPSC 2018
(A) इंडियन काउंसिल एक्ट, 1909
(B) गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट, 1919
(C) गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट, 1935
(D) इंडियन इंडिपेंडेंस एक्ट, 1947
उत्तर: (C)
हल/व्याख्या: भारत सरकार अधिनियम 1935 के प्रावधानों के तहत 1937 में बर्मा को भारत से अलग कर दिया गया था।
प्रश्न: 16 – संविधान सभा में वयस्क मताधिकार को 15 वर्ष के लिए स्थगित करने की बात किसने की थी?
UPPCS (Mains) 2010
(A) डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने
(B) जवाहरलाल नेहरू ने
(C) मौलाना आजाद ने
(D) डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने
उत्तर: (C)
हल/व्याख्या: मौलाना अबुल कलाम आजाद ने तर्क दिया था कि भारत की साक्षरता दर कम होने के कारण वयस्क मताधिकार को 15 साल के लिए टाल देना चाहिए।
प्रश्न: 17 – निम्नलिखित में से कौन अगस्त 1946 में गठित प्रथम अंतरिम राष्ट्रीय सरकार का सदस्य नहीं था?
UPSC 2003, UPPSC 2015
(A) सी. राजगोपालाचारी
(B) डॉ. राजेन्द्र प्रसाद
(C) डॉ. एस. राधाकृष्णन
(D) जगजीवन राम
उत्तर: (C)
हल/व्याख्या: डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन अंतरिम सरकार के सदस्य नहीं थे; वे बाद में भारत के पहले उपराष्ट्रपति बने।
प्रश्न: 18 – ब्रिटिश संसद द्वारा ‘भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम’ कब पारित किया गया?
MPPSC 2012, UPPSC 2019
(A) जनवरी 1947
(B) जून 1947
(C) जुलाई 1947
(D) अगस्त 1947
उत्तर: (C)
हल/व्याख्या: यह विधेयक 4 जुलाई 1947 को प्रस्तुत किया गया और 18 जुलाई 1947 को इसे शाही स्वीकृति मिली।
प्रश्न: 19 – संविधान सभा द्वारा स्थापित ‘मौलिक अधिकारों और अल्पसंख्यकों हेतु सलाहकार समिति’ के अध्यक्ष कौन थे?
UPPCS 2014, RAS 2018
(A) पं. नेहरू
(B) सरदार पटेल
(C) बी.एन. राव
(D) अम्बेडकर
उत्तर: (B)
हल/व्याख्या: सरदार वल्लभभाई पटेल मौलिक अधिकारों और अल्पसंख्यकों के लिए बनी मुख्य सलाहकार समिति के अध्यक्ष थे।
प्रश्न: 20 – संविधान को 26 जनवरी के दिन लागू करने का निर्णय इसलिए किया गया क्योंकि:
BPSC 2011, UPSC 2005
(A) कांग्रेस ने इस तिथि को 1930 में स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया था।
(B) इस तिथि को 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन शुरू किया गया था।
(C) यह एक शुभ दिन था।
(D) उपर्युक्त में से कोई नहीं।
उत्तर: (A)
हल/व्याख्या: लाहौर अधिवेशन (1929) के निर्णय के अनुसार, 26 जनवरी 1930 को पहला ‘पूर्ण स्वराज दिवस’ मनाया गया था, जिसकी याद में संविधान इसी दिन लागू किया गया।
भारत का संवैधानिक विकास: मुख्य परीक्षा (Mains) प्रश्न और उत्तर
UPSC और राज्य PCS (जैसे UPPSC) की मुख्य परीक्षाओं में ‘भारत के संवैधानिक विकास’ और ‘संविधान की विशेषताओं’ से सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं। आपकी वेबसाइट के लिए यहाँ पिछले 11 वर्षों के ट्रेंड पर आधारित 5 महत्वपूर्ण प्रश्न और उनके उत्तर तैयार किए गए हैं।
ये सभी उत्तर 150 शब्दों की सीमा में और UPSC मेन्स के मानक के अनुसार लिखे गए हैं।
UPSC एवं PCS मुख्य परीक्षा: प्रश्न और उत्तर (2015-2026)
प्रश्न 1: 1935 के भारत सरकार अधिनियम ने किस प्रकार भारतीय संविधान के लिए एक मजबूत ढांचा प्रदान किया? चर्चा कीजिए। (UPSC 2016/UPPSC 2021)
उत्तर: 1935 का अधिनियम भारतीय संविधान का ‘ब्लूप्रिंट’ माना जाता है। इसके मुख्य योगदान निम्नलिखित हैं:
- संघीय ढांचा: इसने केंद्र और राज्यों के बीच शक्तियों के विभाजन (संघ, राज्य और समवर्ती सूची) की शुरुआत की, जिसे वर्तमान संविधान में भी अपनाया गया है।
- प्रशासनिक अनुभव: राज्यपाल का पद, लोक सेवा आयोग और संघीय न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट का पूर्ववर्ती) इसी अधिनियम की देन हैं।
- संसदीय प्रणाली: प्रांतों में उत्तरदायी सरकार की शुरुआत ने भारतीयों को संसदीय शासन का अनुभव दिया।
- आपातकालीन प्रावधान: केंद्र को दी गई विशेष शक्तियां और अध्यादेश जारी करने की शक्ति का आधार भी यही अधिनियम है। अतः, वर्तमान संविधान का लगभग दो-तिहाई हिस्सा प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से 1935 के अधिनियम से प्रभावित है।
प्रश्न 2: क्या आप इस विचार से सहमत हैं कि 1773 का रेगुलेटिंग एक्ट केंद्रीकरण की ओर पहला कदम था? तर्क दीजिए। (UPPSC 2018/BPSC 2024)
उत्तर: हाँ, 1773 का रेगुलेटिंग एक्ट भारत में ब्रिटिश शासन के केंद्रीकरण की दिशा में एक मील का पत्थर था।
- इसके माध्यम से बंगाल के गवर्नर को ‘बंगाल का गवर्नर जनरल’ बनाया गया और मद्रास तथा बॉम्बे के प्रेसीडेंसी को उसके अधीन कर दिया गया।
- यह पहली बार था जब ब्रिटिश संसद ने ईस्ट इंडिया कंपनी के राजनीतिक और प्रशासनिक कार्यों को विनियमित (Regulate) किया।
- यद्यपि पूर्ण केंद्रीकरण 1833 के अधिनियम से हुआ, लेकिन इसकी नींव 1773 में ही रख दी गई थी। कलकत्ता में सुप्रीम कोर्ट की स्थापना ने भी एक केंद्रीय न्यायिक व्यवस्था का संकेत दिया। अतः, यह बिखरे हुए व्यापारिक हितों को एक केंद्रीय सत्ता के अधीन लाने का प्रारंभिक प्रयास था।
प्रश्न 3: 1909 के मार्ले-मिंटो सुधारों ने भारत में सांप्रदायिकता का बीज कैसे बोया? (UPSC 2020)
उत्तर: 1909 के सुधारों का सबसे विवादास्पद पक्ष ‘पृथक निर्वाचन क्षेत्र’ (Separate Electorate) था।
- इसके तहत मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों का चुनाव केवल मुस्लिम मतदाता ही कर सकते थे। इसने ‘धर्म’ को राजनीति का आधार बना दिया।
- लॉर्ड मिंटो ने स्पष्ट रूप से कहा था कि वे “ड्रैगन के दांत बो रहे हैं, जिसकी फसल कड़वी होगी।”
- इस प्रावधान ने हिंदुओं और मुसलमानों के बीच राजनीतिक खाई पैदा की, जिससे द्वि-राष्ट्र सिद्धांत (Two-Nation Theory) को बल मिला। अंततः, इसी अलगाववादी सोच ने 1947 में भारत के विभाजन की जमीन तैयार की।
प्रश्न 4: 1919 के अधिनियम के तहत लागू ‘द्वैध शासन’ (Dyarchy) की विफलता के क्या कारण थे? (PCS 2019/2025)
उत्तर: 1919 के मोंटेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधारों ने प्रांतों में द्वैध शासन लागू किया, जो काफी हद तक असफल रहा:
- विषयों का अतार्किक विभाजन: सिंचाई, वित्त और पुलिस जैसे महत्वपूर्ण विषय ‘आरक्षित’ (Reserved) थे, जो गवर्नर के पास थे, जबकि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे ‘हस्तांतरित’ (Transferred) विषय भारतीय मंत्रियों को दिए गए।
- वित्त का अभाव: भारतीय मंत्रियों के पास उत्तरदायित्व तो था, लेकिन धन (Budget) पर उनका कोई नियंत्रण नहीं था।
- गवर्नर का हस्तक्षेप: गवर्नर को मंत्रियों के निर्णयों को पलटने की असीमित शक्ति प्राप्त थी। इस व्यवस्था ने प्रशासन में गतिरोध पैदा किया और साबित कर दिया कि बिना वास्तविक शक्ति के उत्तरदायित्व संभव नहीं है।
प्रश्न 5: भारतीय संविधान सभा की संप्रभुता पर टिप्पणी कीजिए। क्या यह ब्रिटिश संसद की रचना थी? (UPSC 2023)
उत्तर: यद्यपि संविधान सभा का गठन 1946 के ‘कैबिनेट मिशन’ की सिफारिश पर हुआ था, लेकिन 1947 के भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम ने इसे पूर्ण संप्रभुता प्रदान की।
- सभा को किसी भी ब्रिटिश कानून को बदलने या रद्द करने का अधिकार मिल गया।
- सदस्यों का चयन अप्रत्यक्ष चुनाव के माध्यम से भारतीयों द्वारा ही किया गया था।
- सभा ने बिना किसी बाहरी दबाव के भारत की सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप निर्णय लिए। अतः, भले ही इसकी शुरुआत एक ब्रिटिश योजना से हुई, लेकिन इसकी कार्यप्रणाली और अंतिम शक्ति पूरी तरह भारतीय और संप्रभु थी।
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